Sunday, March 14, 2010

तो क्या करें महिलाएं

एक ओर संसद में महिलाओं का बराबरी का हक दिलाने के लिए खींचतान जारी है, दूसरी ओर धर्मगुरु अपना अलग ही राग अलापने में लगे है। राजनीति में आने के लिए मर्द बनने वाले बयान के बाद एक और मौलाना ने महिलाओं के राजनीति में आने पर ऐतराज जताया है।

शिया धर्मगुरु का कहना है कि खुदा ने महिलाओं को अच्छी नस्ल के बच्चे पैदा करने के लिए बनाया है वे यही करे इसी में सबका भला है। यदि महिलाएं घर छोड़कर राजनीति में आ जाएंगी तो परिवार और बच्चों को कौन संभालेगा। राजनीति महिलाओं का काम नहीं है। महिलाएं अगर अपना फर्ज छोड़ देगी तो अच्छे नेता कैसे आएंगे।

कोई कहता है कि महिलाएं अकेली मंदिर में न जाएं तो कोई कहता है कि वह राजनीति में आने के लिए मर्द बनें तो कोई कहता है कि वह नेता न बनें, नेता पैदा करें..अब आप ही बताएं कि क्या करें महिलाएं?

1 Comments:

At May 16, 2011 at 10:24 AM , Blogger जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

महिला सिर्फ़ अपने पति पर दहेज के मुकदमे चलवा सकती है वो भी झूठे

 

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

<< Home